is Aadaat Ne Khiladi ko bana Diya successful

हम लोग मोटिवेशन ढूंढने में समय और एनर्जी वेस्ट कर देते हैं । जबकि यदि हमें गोल अचीव करना है, तो हमें काम शुरू करने को आसान बनाना चाहिए, और आसान ही नहीं बल्कि ऑटोमेटिक । क्योंकि मोटिवेशन का मतलब एक्शन का रिजल्ट है, ना कि उसकी वजह । एक्टिव मोटिवेशन Self Action से आता है , ना कि दूसरों के एक्शन से । आपके द्वारा लिए गए एक्शन ही आपको रिजल्ट देंगे, ना कि दूसरों के एक्शन । दोस्तों एक इंटरव्यू सुनाता हूं, जिससे आपको मोटिवेशन क्लियर हो जाएगा । 1 खिलाड़ी से उनके लंबे कैरियर और उनकी सफलता के बारे में पूछा गया, तो उस खिलाड़ी ने बोला कि अक्सर खिलाड़ी अपने 10 से 12 साल के करियर में कभी ना कभी एक्सरसाइज और प्रैक्टिस में ढील कर देते हैं । इसी तरह मुझे भी प्रैक्टिस करना पसंद नहीं , मेरी भी इच्छा होती है आराम करने की । लेकिन मैंने अपने आलस्य से लड़ने का एक आसान और शानदार तरीका निकाला है । मैंने जिम जाने के लिए हमेशा टैक्सी का सहारा लिया है, मेरा जिम मेरे घर से काफी दूर है, और रोज सुबह 5:00 बजे मुझे टैक्सी लेनी होती है । अगर हफ्ते में एक दिन मैं बहुत थका भी हूं और मेरा मन भी नहीं है, तो भी मुझे अपने घर से बाहर आना ही पड़ता है । व टैक्सी में बैठना पड़ता है । जिम में मेरे दोस्त और मेरे कोच मुझे बैठने नहीं देते ,और जिम घर से इतना दूर है कि मैं पैदल वापस भी नहीं आ सकता, इसलिए मैं चाहे अनचाहे पिछले 20 सालों से, बिना किसी छुट्टी के लगातार प्रैक्टिस कर रहा हूं । जिस तरह आग और ज्यादा आग को भड़काती है, वैसे ही हर दिन प्रैक्टिस करने से मेरा मोटिवेशन और बढ़ जाता है । और मैं ज्यादा मेहनत करने के लिए तैयार हो जाता हूं । दोस्तों इस इंटरव्यू से हम सीख सकते हैं , यदि हम अपनी आदत को आसान बना दें ,और आसान को ऑटोमेटिक बना दें, तो दोस्तों हम समझ सकते हैं कि हम क्या कर सकते हैं । क्योंकि मोटिवेशन एक्शन से आता है, और एक्शन से आता है रिजल्ट । एक्शन को लंबे समय तक लेने के लिए हमें इसकी आदत बनानी होगी , क्योंकि लंबे समय के एक्शन ही हमें रिजल्ट देते हैं ।

दोस्तों यदि हम किसी आदत के शुरुआती स्टेप को ऑटोमेटिक बना सकते हैं, तो यह हमारे लिए आसान हो जाएगा, और हमें एक्शन लेने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी । क्योंकि रिसर्च बताती है कि काम को शुरू करने में दिमाग को ज्यादा तकलीफ महसूस होती है और हमारे दिमाग को आसान काम करना पसंद है । तो क्यों ना काम को आसान बना दें । सीखने वाली बात यह है कि जब कोई काम आप कब कहां और कैसे करेंगे, यदि आपको यह पता हो, तो आपके काम करने की संभावना 10 गुना बढ़ जाती है । दोस्तों जो एक्टिव होकर काम करते हैं उन्हें बाहर से मोटिवेशन की जरूरत नहीं पड़ती । क्योंकि उन्हें पता है मोटिवेशन एक्शन का रिजल्ट है, ना कि उसकी वजह । इसलिए काम शुरू करना आसान बनाइए , और साथ ही ऑटोमेटिक भी ।

how to handle negative thoughts

दोस्तों हम सब अपनी जिंदगी से क्या चाहते हैं, कोई अच्छा जॉब चाहता है, कोई पतला होना चाहता है , कोई वजन बढ़ाना चाहता है , और कोई बहुत ही सक्सेसफुल होना चाहता है । हम सब अंत में खुश होना चाहते हैं । हम सब सोचते हैं कि चीजों से खुशी मिलती है । शायद अपनी आदतों को बदलने से खुशी मिलती है । सीखने वाली बात है कि क्या हम नेगेटिव को पॉजिटिव में बदलकर खुशी प्राप्त कर सकते हैं । मनोवैज्ञानिक रिसर्च में पाया गया है कि हम हर मिनट 300 से 1000 शब्द खुद से कहते हैं । जो भी जीवन में घटा हमारा मन लगातार उसका आंकलन कर रहा है । यही शब्द आपको लगातार बताते जा रहे हैं । कि क्या अच्छा हुआ और बुरा । मेरे साथ अच्छा हुआ है या बुरा हुआ है । जब कुछ चीजें आपके अनुसार गलत हो जाती है, तो यही शब्द नेगेटिव हो जाते और आपके सेल्फ कॉन्फिडेंस और खुशी को खत्म कर देते हैं ।

जिस तरह अगर आप किसी नेगेटिव इंसान से दिन भर बात करते हैं तो दिन के अंत में आप निराश हो जाओगे, परेशान हो जाओगे । उसी तरह आपकी अपनी Negative Self Talk एक छोटे शैतान के रूप में काम करती है । और यदि इस पर ध्यान ना दिया जाए तो लंबे समय तक परेशान करती है । उदाहरण के लिए यदि आप कुछ लोगों के सामने गलत जवाब देते हैं, तो उसी समय यह छोटा शैतान शुरू हो जाता है, कि गलती हो गई मेरे मुंह से कैसे निकल गया, मुझे कुछ नहीं आता, मैं तो बहुत बेवकूफ हूं । और पता नहीं क्या-क्या… लेकिन अगर आप इस छोटे शैतान से सचेत हो जाते हैं, इस छोटे शैतान को कोने में रखकर सोचते हैं, कि… हां गलती हुई, सबसे हो जाती है, गलती करके ही सीख लूंगा, सभी गलती करके सीखते हैं, तो आप अपनी नेगेटिविटी और इस शैतान से बच सकते हैं । जब यह छोटा शैतान शांत हो जाता है, तब हमें सेल्फ कॉन्फिडेंस और खुशी महसूस होने लगती है । जी हां यह बहुत ही आसान है ,बस आपको करना यह है कि छोटे शैतान के जागते ही, उसे कोने में बिठा देना है । और नेगेटिविटी को पॉजिटिविटी में बदलना है । और इसकी प्रैक्टिस करनी है ।

कुछ प्रैक्टिकल तरीके जिससे आप अपनी नेगेटिविटी को पॉजिटिविटी में बदल सकते हैं

Point No. 1: Replace negative to positive जैसे “अरे यार यह काम नहीं हो रहा है” को रिप्लेस कर दो “इस काम में अभी थोड़ी मेहनत और लगेगी” जैसे “आज दिन ही खराब है” को रिप्लेस कर दो “आज सीखने को कुछ ज्यादा ही है

Point No. 2 : Replace positive to more positive जैसे “आज का दिन बढ़िया है” को रिप्लेस कर दो “आज तो मजा ही आ गया” जैसे “आज मैंने अच्छा काम किया” को रिप्लेस कर दो “आज मैंने उम्मीद से बेहतरीन काम किया

दोस्तों यह टेक्निक बहुत सिंपल है , और बहुत ही असरदार है । इसका असर आप अभी से देख सकते हैं । इसलिए कहते हैं कि, आपकी खुशी आपका कॉन्फिडेंस आपके मन में ही है बस आपको इसकी प्रैक्टिस करनी होगी । दोस्तों में चाहूंगा कि आप जो भी सीखो उसकी प्रैक्टिस जरूर करो ।

How Motivated Every Day

दोस्तों अन्य भावनाओं की तरह Motivation बाहर से नहीं आ सकता । हमारे अंदर बैठे विश्वास और लिए गए Action से ही Motivation पैदा होता है । कई बार हम लोग पूछते हैं, कि जिंदगी भर Motivation कैसे कायम रखा जाए । यदि आपको जिंदगी भर Motivation कायम रखना है, तो एक बात का ध्यान रखना होगा । कि जो भी अब तक हुआ और जो भी अभी हो रहा है उससे मैं कुछ सीख रहा हूं । अपने द्वारा की गई गलतियों को Opportunity की तरह देखना होगा । और अपनी गलतियों से सीखना होगा । इस तरह हम अपनी गलतियों से निराश नहीं होंगे । इस बात को हर दिन महसूस करना होगा, और इसको जिंदगी में इस्तेमाल करने के लिए, बार-बार Action लेने होंगे । ऐसा करने के लिए आपको Discipline में रहना होगा । और एक बात समझ लीजिए कि बिना Discipline के बिना हर विश्वास बेकार है । आपके पास कितना भी मजबूत विश्वास हो, कितने भी अच्छे और ताकतवर विचार क्यों ना हो । वह बिना Discipline के बेकार है । क्योंकि बिना Discipline के, आप बार-बार Action नहीं ले पाएंगे, और आप अपनी गलती से नहीं सीख पाएंगे । सीखने वाली बात यह है यदि आप अपनी गलतियों को Opportunity की तरह दिखने लगेंगे तो आप गलतियों की वजह से आप निराश ना होकर Motivated होंगे ।

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Why I do this?

जिसके दिमाग में यह clear होता है, कि मुझे इस रास्ते पर क्यों चलना है । वह Sacrifice करते-करते, हंसते – रोते अपने रास्ते पर टीका रहना सीख जाता है । क्योंकि उसका WHY बहुत Personal, Strong, Real होता है ।

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